समन्वय विभाग
विभाग का परिचय
समन्वय विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, कृषि उत्पादन आयुक्त संगठन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक इकाई है, जिसका प्रमुख उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय, समयबद्ध अनुश्रवण तथा शासन-स्तरीय निर्णयों के क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाना है। विभाग कृषि उत्पादन आयुक्त के स्तर पर आयोजित बैठकों, विभागीय विषयों, शासनादेशों तथा उच्च-स्तरीय निर्देशों के अनुपालन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह विभाग कृषि, ग्रामीण विकास, पशुधन, मत्स्य, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध विकास तथा अन्य संबद्ध विभागों के बीच नीति, कार्यक्रम एवं योजनागत समन्वय को सुचारु बनाने हेतु का कार्य करता है।
समन्वय विभाग का कार्य केवल बैठकों का आयोजन अथवा पत्राचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभाग विभिन्न विभागों के बीच नीति-निर्णय, कार्यक्रम क्रियान्वयन, प्रगति समीक्षा और अंतर-विभागीय विषयों के समाधान की प्रक्रिया को संस्थागत रूप प्रदान करता है।
विभाग कृषि उत्पादन आयुक्त संगठन से जुड़े विभागों के कार्यों की समीक्षा, प्रमुख बैठकों के एजेंडा निर्धारण, निर्णयों के अनुपालन और शासन-स्तरीय विषयों पर आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करता है।
प्रमुख कार्य
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कृषि उत्पादन आयुक्त स्तर की बैठकों का समन्वय :
कृषि उत्पादन आयुक्त के स्तर पर संगठन से संबंधित विभागों की बैठकों का समन्वय, एजेंडा संकलन, कार्यवृत्त तैयार करना तथा लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा विभाग द्वारा की जाती है। वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार विभाग कृषि उत्पादन आयुक्त संगठन के 19 विभागों से संबंधित बैठकों के समन्वय का कार्य करता है।
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मुख्य सचिव स्तर की बैठकों एवं आदेशों का अनुश्रवण :
मुख्य सचिव स्तर पर आयोजित बैठकों तथा जारी निर्देशों से संबंधित उन विषयों का समन्वय और अनुश्रवण किया जाता है, जो कृषि उत्पादन आयुक्त संगठन से संबद्ध विभागों से संबंधित होते हैं। इससे उच्च-स्तरीय निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित होता है।
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विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का समन्वय :
विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतिगत पहलों के बीच समन्वय स्थापित कर शासन की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में विभाग सहयोग करता है। यह समन्वय विशेष रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में योजनाओं की गति, गुणवत्ता और परिणामों को बेहतर बनाने में सहायक है।
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खरीफ एवं रबी कार्यक्रमों से संबंधित गोष्ठियों का आयोजन :
उपलब्ध सूचना के अनुसार प्रत्येक खरीफ एवं रबी कार्यक्रम हेतु मण्डलीय गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है, जिनकी अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा की जाती है और इनमें विभागीय प्रमुख सचिवों द्वारा प्रतिभाग किया जाता है।
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शासनादेशों एवं निर्देशों का अभिलेखीकरण :
समन्वय विभाग द्वारा विभागीय विषयों से संबंधित शासनादेशों, वित्तीय स्वीकृतियों, परियोजना-संबंधी आदेशों और अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों को संकलित एवं उपलब्ध कराया जाता है। वेबसाइट पर शासनादेशों से संबंधित अलग अनुभाग उपलब्ध है, जिसमें विषयवार आदेशों का उल्लेख किया गया है।
कार्य प्रणाली
समन्वय विभाग की कार्यप्रणाली शासन की प्राथमिकताओं, कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देशों और विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित होती है। विभाग विभिन्न स्तरों पर प्राप्त सूचनाओं, प्रगति विवरणों और विभागीय प्रस्तावों का संकलन कर निर्णय-प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाता है।
बैठकों के आयोजन से पूर्व विभाग एजेंडा बिंदुओं का संकलन करता है, संबंधित विभागों से आवश्यक विवरण प्राप्त करता है और बैठक के उपरांत निर्णयों के अनुपालन की स्थिति का अनुश्रवण करता है। इस प्रक्रिया से शासन-स्तरीय निर्णयों में स्पष्टता, उत्तरदायित्व और समयबद्धता सुनिश्चित होती है।
सूचना का अधिकार
श्री विजय प्रकाश पाण्डेय
जनसूचना अधिकारी / अनुभाग अधिकारी
समन्वय अनुभाग
9454413721
श्री राज जन्म चौहान
प्रथम अपीलीय अधिकारी / उप सचिव
समन्वय विभाग, उ. प्र. शासन
9454413212
शासनादेश
आवश्यक शासनादेशों हेतु देखने के लिए दिए हुए लिंक पे क्लिक करें | विवरण देखें